कीगल व्यायाम का असर कब दिखता है? अध्ययनों में अवधि और नियमित रहने के तरीक़े
जिन अध्ययनों और स्रोतों का इस्तेमाल हुआ, वे लेख के अंत में दिए गए हैं। लेख की किसी डॉक्टर ने समीक्षा नहीं की है। संपादकीय नीति
कई लोग एक हफ़्ते बाद "कुछ नहीं बदला" कहकर छोड़ देते हैं। अध्ययन कितने समय चले, यह जानने से सही रफ़्तार तय करना आसान होता है।

ED और शीघ्रपतन के अध्ययनों ने रोज़ की ट्रेनिंग के 12 हफ़्ते से 3 महीने बाद नतीजे आँके। कुछ दिनों या एक-दो हफ़्ते में फ़ैसला न करें: पहले 12 हफ़्ते को एक पड़ाव मानना ज़्यादा व्यावहारिक है।
इस लेख में
अध्ययनों में आँकी गई अवधि
| अध्ययन | प्रतिभागी | अवधि |
|---|---|---|
| Dorey व अन्य (2004) | ED वाले 55 पुरुष | 3 महीने |
| Pastore व अन्य (2014) | आजीवन शीघ्रपतन वाले 40 पुरुष | 12 हफ़्ते |
| Myers और Smith (2019) | 10 क्लिनिकल ट्रायल की समीक्षा | कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों तक |
सभी अध्ययन छोटे हैं और ज़्यादातर में विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास हुआ। ज़रूरी नहीं कि उतने ही समय में वैसा ही नतीजा मिले।
12 हफ़्ते की योजना
| समय | सिकोड़ने की अवधि | लक्ष्य |
|---|---|---|
| हफ़्ता 1-2 | 3-5 सेकंड | सही मांसपेशियाँ सिकोड़ना सीखना |
| हफ़्ता 3-6 | 5-7 सेकंड | बैठकर और खड़े होकर भी कर पाना |
| हफ़्ता 7-12 | 8-10 सेकंड | ज़्यादा देर रोकना और हलचल के साथ जोड़ना |
पहला सेट आप अभी 1 मिनट के कीगल टाइमर से कर सकते हैं: एनिमेशन के साथ 10 बार सिकोड़ें और ढीला छोड़ें।
नियमित कैसे रहें
- समय तय करें: इसे किसी रोज़ के काम से जोड़ें, जैसे सुबह ब्रश करना, बस या मेट्रो का सफ़र, या सोने से पहले।
- रिकॉर्ड रखें: जिन दिनों अभ्यास किया, उन पर बस निशान लगाने से भी लगता है कि आप आगे बढ़ रहे हैं।
- तीव्रता घटाएँ-बढ़ाएँ: भारी दिनों में सेकंड कम कर दें। छोड़ने से बेहतर है हल्का करके जारी रखना।
अभ्यास में दर्द हो तो रुक जाएँ। अगर 12 हफ़्ते बाद कुछ न बदले या परेशानी बनी रहे, तो यूरोलॉजिस्ट से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ़र्क कितने समय में दिखता है?
ज़्यादातर अध्ययनों ने लगभग 12 हफ़्ते (3 महीने) बाद नतीजे आँके। हर व्यक्ति में यह बहुत अलग होता है। अगर तब तक कुछ न बदले या परेशानी बनी रहे, तो यूरोलॉजिस्ट या अपने डॉक्टर से बात करें।
दिन में कितनी बार कीगल व्यायाम करें?
आम शुरुआत है 8 से 10 बार सिकोड़ना, हर बार कुछ सेकंड रोकना और उतनी ही देर ढीला छोड़ना, यह एक सेट; दिन में तीन सेट (जैसे सुबह, दोपहर और रात)। शुरू में एक या दो सेट भी ठीक हैं। ED या शीघ्रपतन वाले पुरुषों के ज़्यादातर अध्ययनों में रोज़ की ट्रेनिंग लगभग 12 हफ़्ते चली।
स्रोत
- Dorey G, et al. Randomised controlled trial of pelvic floor muscle exercises and manometric biofeedback for erectile dysfunction. Br J Gen Pract. 2004;54(508):819-825. pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC1324914/
- Pastore AL, et al. Pelvic floor muscle rehabilitation for patients with lifelong premature ejaculation: a novel therapeutic approach. Ther Adv Urol. 2014;6(3):83-88. doaj.org/article/aea4980b10dd4dd791f1f3168656deb5
- Myers C, Smith M. Pelvic floor muscle training improves erectile dysfunction and premature ejaculation: a systematic review. Physiotherapy. 2019;105(2):235-243. researchonline.jcu.edu.au/57900/