शीघ्रपतन क्या है? कितने मिनट, औसत समय, 2 प्रकार और कारण
जिन अध्ययनों और स्रोतों का इस्तेमाल हुआ, वे लेख के अंत में दिए गए हैं। लेख की किसी डॉक्टर ने समीक्षा नहीं की है। संपादकीय नीति
कई पुरुष सोचते हैं कि कहीं वे बहुत जल्दी तो नहीं कर लेते, लेकिन असल सीमा कहाँ है, यह कम लोग जानते हैं। अंतरराष्ट्रीय परिभाषा सिर्फ़ घड़ी नहीं देखती: यह भी देखती है कि आप स्खलन रोक पाते हैं या नहीं, और इससे आपको परेशानी होती है या नहीं।

इंटरनेशनल सोसाइटी फ़ॉर सेक्शुअल मेडिसिन (ISSM) के अनुसार शीघ्रपतन का मतलब है प्रवेश के लगभग 1 मिनट के भीतर (आजीवन, शुरू से) या लगभग 3 मिनट के भीतर (बाद में शुरू हुआ) स्खलन होना, लगभग हर बार इसे रोक न पाना, और इससे परेशानी होना। पाँच देशों के स्टॉपवॉच सर्वे में प्रवेश से स्खलन तक का मीडियन समय 5.4 मिनट था, और पुरुषों के बीच अंतर बहुत ज़्यादा था।
इस लेख में
शीघ्रपतन की परिभाषा
शीघ्रपतन (PE) की कई परिभाषाएँ हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली परिभाषा 2014 में इंटरनेशनल सोसाइटी फ़ॉर सेक्शुअल मेडिसिन (ISSM) ने दी थी। इसके अनुसार शीघ्रपतन तब है जब ये तीनों बातें हों:
- समय: प्रवेश के लगभग 1 मिनट के भीतर स्खलन (आजीवन), या समय घटकर लगभग 3 मिनट या कम हो जाना (बाद में शुरू हुआ)
- नियंत्रण: हर बार या लगभग हर बार स्खलन को टाल न पाना
- परेशानी: इसकी वजह से निराशा, तनाव, या संबंध बनाने से बचना
यानी अगर समय थोड़ा कम है लेकिन न आपको और न आपकी साथी को कोई दिक्कत है, तो ज़रूरी नहीं कि इलाज की ज़रूरत हो। और अगर समय परिभाषा से ज़्यादा है लेकिन आप चिंतित हैं, तब भी आप डॉक्टर से बात कर सकते हैं।
औसत समय कितना है?
- तरीक़ा
- 4 हफ़्ते तक जोड़ों ने हर बार स्टॉपवॉच से प्रवेश से स्खलन तक का समय नापा
- नतीजा
- मीडियन 5.4 मिनट, 1 मिनट से कम से लेकर 30 मिनट से ज़्यादा तक
- सीमा
- जोड़े जानते थे कि समय नापा जा रहा है, जो आम दिनों से अलग हो सकता है
औसत से कम होना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। घड़ी से ज़्यादा अहम यह है कि आप स्खलन टाल पाते हैं या नहीं, और इससे आपको परेशानी है या नहीं।
दो प्रकार
आजीवन शीघ्रपतन
पहले यौन अनुभवों से ही लगभग हर बार बहुत जल्दी स्खलन हो जाता है। माना जाता है कि इसमें शरीर की बनावट और स्खलन को नियंत्रित करने वाली नसों की संवेदनशीलता की भूमिका होती है।
बाद में शुरू हुआ शीघ्रपतन
कुछ समय तक कोई दिक्कत न होने के बाद यह किसी समय शुरू होता है। इरेक्शन ढीला पड़ने का डर, प्रोस्टेट की सूजन, थायरॉइड की बीमारी, तनाव और रिश्ते की समस्याएँ इसमें भूमिका निभा सकती हैं। अगर बदलाव अचानक आया है, तो डॉक्टर से जाँच करवाएँ कि कोई और बीमारी तो नहीं।
कारण
आमतौर पर इसका एक ही कारण नहीं होता। मानसिक कारण (घबराहट, चिंता, कम अनुभव) और शारीरिक कारण (संवेदनशीलता, पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का काम, ED या प्रोस्टेट की समस्या) अक्सर साथ-साथ होते हैं। अमेरिका, जर्मनी और इटली के 12,133 पुरुषों पर हुए बड़े PEPA सर्वे में 22.7% पुरुष शीघ्रपतन के मानदंड पर खरे उतरे, यानी यह पुरुषों की सबसे आम यौन चिंताओं में से एक है।
आप खुद क्या कर सकते हैं
इन तरीक़ों पर शोध हुआ है। ज़्यादातर अध्ययन छोटे हैं, और हर किसी को एक जैसे नतीजे मिलें, यह ज़रूरी नहीं।
- पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग: इटली के एक अध्ययन (Pastore व अन्य, 2014) में आजीवन शीघ्रपतन वाले 40 पुरुषों ने 12 हफ़्ते ट्रेनिंग की, और उनमें से 33 ने बताया कि वे स्खलन पर नियंत्रण कर पा रहे थे। इस अध्ययन में तुलना के लिए कोई समूह नहीं था।
- एरोबिक व्यायाम: आजीवन शीघ्रपतन वाले पुरुषों के एक ट्रायल (Kilinc व अन्य, 2018) में, हफ़्ते में पाँच बार 30 मिनट दौड़ने वाले समूह में स्खलन तक का समय बढ़ा। यह छोटा और कम अवधि का ट्रायल था।
- स्टार्ट-स्टॉप तकनीक: एक व्यवहार तकनीक, जिसमें स्खलन क़रीब लगने पर उत्तेजना रोक दी जाती है, इच्छा शांत होने का इंतज़ार किया जाता है और फिर दोबारा शुरू किया जाता है।
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डॉक्टर से कब मिलें
अगर यह लगातार परेशान करे, किसी समय अचानक बढ़ गया हो, साथ में इरेक्शन में भी दिक्कत हो, या पेशाब करते समय दर्द या जलन हो, तो यूरोलॉजिस्ट से मिलें। डॉक्टर कारण के हिसाब से विकल्पों पर बात कर सकते हैं, जैसे गोलियाँ, सुन्न करने वाली क्रीम या स्प्रे, व्यवहार तकनीकें और काउंसलिंग। बिना पर्ची के ऑनलाइन बिकने वाली दवाओं और "ताक़त बढ़ाने" का दावा करने वाले उत्पादों से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितने मिनट में स्खलन हो तो उसे शीघ्रपतन कहते हैं?
इंटरनेशनल सोसाइटी फ़ॉर सेक्शुअल मेडिसिन (ISSM) की परिभाषा के अनुसार, अगर पहले यौन अनुभवों से ही लगभग हर बार प्रवेश के करीब 1 मिनट के भीतर स्खलन हो जाता है तो यह आजीवन (प्राइमरी) शीघ्रपतन है, और अगर किसी समय के बाद यह समय घटकर लगभग 3 मिनट या उससे कम हो गया है तो यह बाद में शुरू हुआ (सेकेंडरी) शीघ्रपतन है। सिर्फ़ समय काफ़ी नहीं है: स्खलन को रोक न पाना और इससे परेशानी होना भी परिभाषा का हिस्सा है।
पुरुषों में औसत समय कितना होता है?
पाँच देशों के लगभग 500 जोड़ों ने स्टॉपवॉच से समय नापा (Waldinger व अन्य, 2005)। प्रवेश से स्खलन तक का मध्य समय (मीडियन) 5.4 मिनट था। लेकिन यह 1 मिनट से कम से लेकर 30 मिनट से ज़्यादा तक था, इसलिए कोई एक "सामान्य" समय नहीं है।
क्या शीघ्रपतन के अलग-अलग प्रकार होते हैं?
हाँ। आजीवन शीघ्रपतन पहले यौन अनुभवों से ही रहता है। बाद में शुरू हुआ शीघ्रपतन कुछ समय तक कोई दिक्कत न होने के बाद शुरू होता है, और इसका संबंध इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED), प्रोस्टेट की सूजन, थायरॉइड की बीमारी, तनाव या रिश्ते की समस्याओं से हो सकता है। अगर बदलाव अचानक आया है, तो डॉक्टर से मिलें।
क्या शीघ्रपतन के लिए खुद कुछ किया जा सकता है?
जिन तरीक़ों पर शोध हुआ है, उनमें पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग, दौड़ने जैसा एरोबिक व्यायाम और स्टार्ट-स्टॉप जैसी व्यवहार तकनीकें शामिल हैं। ज़्यादातर अध्ययन छोटे हैं और नतीजे हर व्यक्ति में अलग होते हैं। अगर परेशानी बनी रहे या अचानक शुरू हुई हो, तो यूरोलॉजिस्ट से मिलें; डॉक्टर दवाओं और काउंसलिंग जैसे विकल्पों पर भी बात कर सकते हैं।
स्रोत
- Serefoglu EC, et al. An evidence-based unified definition of lifelong and acquired premature ejaculation: report of the second International Society for Sexual Medicine Ad Hoc Committee for the Definition of Premature Ejaculation. J Sex Med. 2014;11(6):1423-1441. repub.eur.nl/pub/74335
- Waldinger MD, et al. A multinational population survey of intravaginal ejaculation latency time. J Sex Med. 2005;2(4):492-497. smsna.org/patients/did-you-know/how-long-does-it-take-the-av
- Pastore AL, et al. Pelvic floor muscle rehabilitation for patients with lifelong premature ejaculation: a novel therapeutic approach. Ther Adv Urol. 2014;6(3):83-88. doaj.org/article/aea4980b10dd4dd791f1f3168656deb5
- Kilinc MF, et al. Impact of physical activity on patient self-reported outcomes of lifelong premature ejaculation patients: results of a prospective, randomised, sham-controlled trial. Andrologia. 2018;50(1):e12799. search.pedro.org.au/search-results/record-detail/52397
- Porst H, et al. The Premature Ejaculation Prevalence and Attitudes (PEPA) survey: prevalence, comorbidities, and professional help-seeking. Eur Urol. 2007;51(3):816-824. pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16934919/