संभोग के बीच इरेक्शन ढीला पड़ना: कारण और आप क्या कर सकते हैं
जिन अध्ययनों और स्रोतों का इस्तेमाल हुआ, वे लेख के अंत में दिए गए हैं। लेख की किसी डॉक्टर ने समीक्षा नहीं की है। संपादकीय नीति
बीच में सख़्ती चली जाती है। एक बार ध्यान जाने के बाद डर लगता है कि फिर ऐसा होगा। यह भी ED का एक रूप है। यहाँ आम कारण, आप खुद क्या कर सकते हैं और किससे सलाह लें, यह बताया गया है।

संभोग के बीच इरेक्शन ढीला पड़ने का मतलब है इरेक्शन बनाए न रख पाना, और यह ED का एक रूप है। कारणों को उसी समय के कारणों, जैसे घबराहट, शराब और थकान, और शारीरिक कारणों, जैसे रक्त वाहिकाएँ, मांसपेशियाँ और उम्र, में बाँटा जाता है। कभी-कभार होना असामान्य नहीं, लेकिन बार-बार हो तो बात करना ठीक है। खुद करने लायक़ उपायों में पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग, एरोबिक व्यायाम और वज़न नियंत्रण पर शोध हुआ है।
इस लेख में
इसका मतलब क्या है
ED का मतलब है संतोषजनक संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन पाने या बनाए रखने में दिक्कत। प्रवेश से पहले, दौरान या तुरंत बाद सख़्ती चले जाना इसके "बनाए रखने" वाले हिस्से में आता है। यह आम समस्या है: अमेरिका के MMAS अध्ययन में 40-70 साल के 1,290 पुरुषों में से 52% ने किसी हद तक ED बताया।
कारणों के दो समूह
ED के कारण मानसिक, शारीरिक और मिश्रित होते हैं। बीच में ढीला पड़ने के मामले में भी दो समूह अलग करके देखना मदद करता है, ताकि समझ आए कि शुरुआत कहाँ से करें।
उसी समय के कारण
- घबराहट, प्रदर्शन का दबाव, पिछली बार जैसा फिर होने का डर
- ज़्यादा शराब
- थकान या कम नींद
- उत्तेजना का रुक जाना, जैसे कंडोम पहनते समय
शारीरिक कारण
- रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियाँ, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल
- धूम्रपान, पेट की चर्बी, कम शारीरिक गतिविधि
- उम्र के साथ रक्त वाहिकाओं और मांसपेशियों में बदलाव
- ली जा रही दवाओं का असर
जब कोई शारीरिक कारण इरेक्शन मुश्किल बनाता है, तो "फिर से ढीला पड़ जाएगा" का डर भी जुड़ता है और उसी समय के कारण भी ज़्यादा असर करते हैं (मिश्रित)। अकेले परेशान होने से बेहतर है पहले समझना कि आप किस समूह के क़रीब हैं। 1 मिनट का सेल्फ़-चेक भी मदद कर सकता है।
इरेक्शन बनाए रखने वाली मांसपेशियाँ
इरेक्शन तब तक रहता है जब तक लिंग में भरा ख़ून वहीं रुका रहे। लिंग की जड़ को घेरने वाली इस्कियोकैवर्नोसस और बल्बोस्पॉन्जियोसस मांसपेशियाँ, जो पेल्विक फ्लोर का हिस्सा हैं, सिकुड़कर ख़ून के बाहर निकलने को रोकती हैं; माना जाता है कि ये सख़्ती बनाए रखने में मदद करती हैं।
- तरीक़ा
- फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की देखरेख में लेटकर, बैठकर और खड़े होकर रोज़ मांसपेशियाँ सिकोड़ने का अभ्यास
- तुलना
- एक समूह जिसे सिर्फ़ जीवनशैली की सलाह मिली
- सीमा
- छोटा अध्ययन, विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास
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उस समय क्या करें
- शराब सीमित रखें: ज़्यादा पीने पर इरेक्शन बनाए रखना मुश्किल होता है। ख़ास मौक़े से पहले अपनी सीमा तय कर लें।
- थकान में ज़बरदस्ती न करें: थकान और कम नींद का भी असर होता है। दूसरे दिन पर टालना भी ठीक विकल्प है।
- जल्दबाज़ी न करें: इरेक्शन ढीला पड़ जाए तब भी उत्तेजना जारी रहने पर कई बार लौट आता है। "फिर नाकाम हो जाऊँगा" का डर ही इसे दोबारा होने की संभावना बढ़ाता है।
- साथी से बात करें: सिर्फ़ प्रवेश पर ध्यान न देकर धीरे-धीरे आगे बढ़ने से कई लोग ज़्यादा सहज महसूस करते हैं।
लंबे समय की आदतें
शारीरिक कारणों के लिए ऐसे तरीक़ों पर शोध हुआ है जिनमें समय लगता है।
- पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग: 3 से 5 सेकंड सिकोड़ें और उतनी ही देर ढीला छोड़ें, ऐसा 10 बार, दिन में 3 बार। ऊपर के अध्ययन में यह 3 महीने चला।
- एरोबिक व्यायाम: व्यायाम और ED के अध्ययनों की समीक्षा (Gerbild व अन्य, 2018) में कई अध्ययनों में हफ़्ते में 4 बार 40 मिनट का मध्यम से तेज़ व्यायाम लगभग 6 महीने किया गया।
- वज़न और खान-पान: मोटापे वाले 110 पुरुषों के ट्रायल (Esposito व अन्य, 2004) में, खान-पान और व्यायाम से वज़न घटाने के लिए 2 साल मार्गदर्शन पाने वाले समूह के 31% पुरुषों के इरेक्टाइल फ़ंक्शन स्कोर सामान्य दायरे में थे (तुलना समूह में 5%)।
- धूम्रपान छोड़ना: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है और ED का एक जाना-माना कारण है।
20 और 30 की उम्र में
बीच में इरेक्शन ढीला पड़ना युवाओं में भी होता है। ED उम्र के साथ बढ़ता है, लेकिन 20 और 30 की उम्र वालों में भी असामान्य नहीं है। युवाओं में अक्सर घबराहट, दबाव, थकान या शराब जैसे उसी समय के कारण होते हैं, लेकिन कोई शारीरिक कारण भी हो सकता है। अगर यह बना रहे, तो उम्र चाहे जो हो, डॉक्टर से बात करें।
डॉक्टर से कब मिलें
अगर इरेक्शन बार-बार ढीला पड़े, समस्या अचानक शुरू हुई हो, सुबह का इरेक्शन लगभग बंद हो गया हो, आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल हो, या सीने में दर्द या साँस फूलती हो, तो यूरोलॉजिस्ट या अपने फ़ैमिली डॉक्टर से मिलें। ED दिल और रक्त वाहिकाओं की बीमारी का संकेत हो सकता है। डॉक्टर आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली, इरेक्शन में मदद करने वाली दवाओं (PDE5 इनहिबिटर) पर विचार कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या संभोग के बीच इरेक्शन ढीला पड़ना ED है?
ED का मतलब है संतोषजनक संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन पाने या बनाए रखने में दिक्कत, इसलिए इरेक्शन बनाए न रख पाना भी इसमें आता है। लेकिन अगर ऐसा कभी-कभार, थकान में या शराब के बाद होता है, तो यह असामान्य नहीं है। अगर बार-बार हो या अचानक शुरू हुआ हो, तो यूरोलॉजिस्ट से बात कर सकते हैं।
क्या 20 या 30 की उम्र में भी ऐसा होता है?
हाँ। युवाओं में अक्सर उसी समय के कारण होते हैं, जैसे घबराहट, प्रदर्शन का दबाव, थकान, कम नींद या शराब। लेकिन कोई शारीरिक कारण भी हो सकता है, इसलिए अगर यह बना रहे तो उम्र चाहे जो हो, डॉक्टर से बात करें।
क्या व्यायाम और जीवनशैली का ED से संबंध है?
एरोबिक व्यायाम (हफ़्ते में लगभग 160 मिनट), पेल्विक फ्लोर ट्रेनिंग, और वज़न घटाने के लिए खान-पान व व्यायाम पर शोध हुआ है। मोटापे वाले 110 पुरुषों के एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल (Esposito व अन्य, 2004) में, 2 साल तक जीवनशैली बदलने वाले समूह के लगभग एक-तिहाई पुरुषों के इरेक्टाइल फ़ंक्शन स्कोर सामान्य दायरे में थे। फिर भी ED दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है, इसलिए पहले डॉक्टर से कारण पता करना ज़रूरी है।
स्रोत
- Feldman HA, et al. Impotence and its medical and psychosocial correlates: results of the Massachusetts Male Aging Study. J Urol. 1994;151(1):54-61. pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/8254833/
- Dorey G, et al. Randomised controlled trial of pelvic floor muscle exercises and manometric biofeedback for erectile dysfunction. Br J Gen Pract. 2004;54(508):819-825. pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC1324914/
- Gerbild H, et al. Physical Activity to Improve Erectile Function: A Systematic Review of Intervention Studies. Sex Med. 2018;6(2):75-89. doaj.org/article/91eb296258654277ba5cb0268ced6754
- Esposito K, et al. Effect of lifestyle changes on erectile dysfunction in obese men: a randomized controlled trial. JAMA. 2004;291(24):2978-2984. search.pedro.org.au/search-results/record-detail/11354